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हादसे और अनहोनी में धंसता जनमानस

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हर साल धार्मिक यात्राओं में कितने कुछ लोग मरते हैं ! पैदल यात्री, सड़क दुर्घटनाएं, बस पलटने से , साधनों की आपसी भिड़ंत, पैदल यात्रियों को कुचलने, अमरनाथ यात्रा के दौरान लोग खूब परेशानी झेलते हैं, उसमें से कुछ अपनी जान से हाथ धोते हैं। देश के कोने -कोने में कोई न कोई हताहत करने वाली दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं, उसके बारे में कोई भी बाबा या इस किस्म का कोई भविष्यवाणी कर्ता लोगों को चेतावनी नहीं दे पाता है। हमारी आस्था , श्रद्धा, विश्वास , भक्ति और प्रेम की चाहत अनेक लोगों का जीवन छीन लेती है। चंबल नदी में नांव पलटने की घटनाएं हो , अमरनाथ यात्रा पर बादल फटने से सैंकड़ों के मरने की घटना हो , भूस्खलन से यात्रियों के मलबे में दबने की बात हो या अतिवृष्टि, बाढ में बह जाने, अफवाहों से भगदड़ मचने से खूब लोग मारे जाते हैं। उत्तराखंड त्रासदी जैसी जाने कितनी घटनाएं हर साल होती हैं। हम बस देखते रहते हैं, आमतौर पर कहते रहते हैं कि भाई हरि इच्छा प्रबल और स्थानीय प्रशासन, जिम्मेदार लोगों को वहीं छोड़ दिया जाता है फिर ऐसी घटनाएं घटती रहती है। चाहे तो अच्छी व्यवस्थाएं कायम कर सकते हैं, इतना बड़ा देश ह...

मणिका और अबराम का मिलन

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मणिका और अबराम मणिका की उम्र रही होगी लगभग 21 साल जब हमने उसे पहली बार देखा था , एक नुक्कड़ नाटक में, तब भी वो एक ऐसा स्ट्रीट प्ले कर रही थी जिसमें उन सब बातों का ज़िक्र था जहां समाज में बंदिशों का बोलबाला बढ़ जाता है। यह किरदार राजस्थान के शेखावाटी प्रदेश में ही एक ऐसी जगह का हैं जो अर्ध रेगिस्तानी हैं मगर शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेशभर में यहां से निकलने वाले बच्चों और सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों की संख्या प्रदेश के हर एक ज़िले में देखने को मिल जायेगी । ऐसा मुमकिन तभी होता है जब उस ज़िले के अधिकांश सरकारी पद भरे जा चुके हैं। मणिका एक बहुत जागरूक किस्म की लड़की हैं और अपनी प्राथमिक शिक्षा जिला मुख्यालय से ही पूरी करके भारत की राजधानी की ओर प्रस्थान कर लेती हैं । स्कूल के दिनों से ही मणिका का दोस्त है जिसका नाम है अब्राहम। यह क्षेत्र जातिवाद और धर्मभेद के बंटवारे से बहुत आगे निकल चुका है। लोग एक- दूसरे में जाति के नाम पर और धर्म के नाम पर इतना तवज्जो नहीं देते हैं।‌ यहां से हजारों की संख्या में देश की सेनाओं, अर्धसैन्य बलों, पुलिस और सरकार के प्रमुख विभागों में जवान , कर्मचारी ...

अधिवक्ता चौधरी प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त

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चौधरी कलाल एडवोकेट फाउंडेशन की राजस्थान इकाई के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त उदयपुर में आयोजित हुए कलाल एडवोकेट फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय अधिवेशन में गत 31 मई को उदयपुर के अधिवक्ता डॉ. देवी लाल चौधरी को राजस्थान इकाई का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मोहन जायसवाल ने अधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। संगठन प्रमुख ने अधिवक्ता चौधरी को प्रदेश में संगठन की पहुंच बढ़ाने और प्रदेश स्तर पर संगठन की सक्रिय भूमिका निभाने की ज़िम्मेदारी प्रदान की है। इस दौरान उदयपुर के गणमान्य लोगों ने अधिवक्ता डॉ. देवी लाल चौधरी को राजस्थान इकाई का प्रदेशाध्यक्ष बनने पर बधाइयां प्रेषित की है।

एडवोकेट पीआर सालवी को 26 मई को "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड 2023" से नई दिल्ली में होंगे सम्मानित

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एडवोकेट पीआर सालवी को 26 मई को "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड 2023" से नई दिल्ली में होंगे सम्मानित ------------------------------------ अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद नई दिल्ली द्वारा 26 मई 2023 "अंतर्राष्ट्रीय मानव बहादुरी सम्मान समारोह" होगा ------------------------  उदयपुर 24 मई । अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद, नई दिल्ली राजस्थान स्टेट चेयरमेन एवं डॉ.अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी राजस्थान जिला उदयपुर के महासचिव एडवोकेट पीआर सालवी को "लिटिल थिएटर ग्रुप (एलटीजी) ऑडिटोरियम कॉर्परनिकस भवन, मंडी हाउस स्टेशन के पास, नई दिल्ली" में "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड" से सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय चेयरमेन एवं संस्थापक डॉ. टी.एम.ओंकार ने बताया कि एडवोकेट पीआर सालवी पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से सलूम्बर, सराड़ा से निकलकर राजस्थान राज्य एवं विशेषकर उदयपुर सम्भाग मुख्यालय पर गरीब,शोषित, वंचित,दलित,आदिवासी,पिछड़े वर्ग के हक अधिकार ...

कवि मित्र समूह द्वारा त्रिभाषी काव्य गोष्ठी का आयोजन

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कविमित्र समूह ( राज.) उदयपुर द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर सोमवार , 22 मई को त्रिभाषी काव्यगोष्ठी का आयोजन सेक्टर तीन में किया गया जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से प्रताप को श्रद्दासुमन अर्पित करने के साथ राजस्थानी , हिंदी और उर्दू में अनेक कविताओं के वाचन से श्रोताओं का मन मोह लिया .शकुंतला सरूपरिया द्वारा सरस्वती वंदना से प्रारंभ गोष्ठी में सर्वप्रथम चिंतक व कवि अशोक जैन 'मंथन' ने प्रश्ननाकुल होकर पूछा ,'मन को समझा किसने अब तक / कितना है ये मासुम बोलो ?' तत्पश्चात शहर की शान डा. ज्योतिपूंज ने आव्हान किया ,' विश्व में मेवाड़ की स्वर्णिम धरा के गीत गाओ/ ये धरोहर गुनगुनाओ ये धरोहर गुनगुनाओ.' वरिष्ठ कवि रामदयाल मेहरा ने आज के समय की कैफियत को बयां करती गजल ,' वैसे कोई विवाद नहीं है / फिर भी कोई संवाद नहीं है' तथा राजस्थानी गीत सुनाकर रंग जमा दिया . जयपुर से आई सुमन आशीष ने ,' सहरा सहरा बांटा मैंने अपना पानी / अब मुश्किल लगता है मेरा दरिया रहना ' सुनाकर सबको भावुक कर दिया . शैलेद्र सुधर्मा में प्रताप का स्मरण करते हुए कहा ,'प्रताप सब याद करते है...

युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह

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युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह  राजस्थान का हिंदी लेखन राष्ट्रीय पहचान बनाएं, राजस्थान के हिंदी लेखक देश की मुख्य धारा में आएं - अकादमी अध्यक्ष दुलाराम सहारण ।  "राजस्थान का हिंदी लेखन राष्ट्रीय पहचान बनाएं, राजस्थान के हिंदी लेखक देश की मुख्य धारा में आएं," "मैं काव्यांगन को बधाई देता हूं कि ऐसी संस्थाएं हर शहर में होनी चाहिए" काव्यांगन ऐसा आंगन सदा सजाएं रखें" यह कहना था राजस्थान साहित्य अकादमी के वर्तमान अध्यक्ष दुलाराम सहारण का। सहारण काव्यागंन साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे । अकादमी अध्यक्ष ने समारोह में आएं युवा साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से जुड़े और उदयपुर में राजस्थान अकादमी है, इससे बड़ा सौभाग्य और क्या होगा!  अकादमी अध्यक्ष ने भविष्य में युवाओं को साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए 'लेखक से मिलिए' जैसे नवाचारी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवस...

यूक्रेन पर हमला क्या शांति प्रिय देशों के लिए ख़तरा ??

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  यूक्रेन पर हमला शांति प्रिय देशों के लिए ख़तरा रूस के द्वारा यूक्रेन पर हमले को एक नई लड़ाई के तौर पर देखना चाहिए , एक तरफ़ विश्व राजनीति में चाइना के बढ़ते प्रभाव के बीच रूस की तानाशाही ने दुनिया को बहुत कुछ सोचने पर मजबुर कर दिया है । अफगानिस्तान से अमेरिका का भागना , यूक्रेन पर हमला होने के बावजूद अमेरिका द्वारा पहले तो उसे भरोसा दिलाना, बाद में अब केवल टुकुर- टुकुर देखना साबित करता है कि ,विश्व राजनीति में अमेरिका के पांव अब कमजोर पड़ रहे हैं ।  चीन द्वारा रूस को बिना मांगे ही अप्रत्यक्ष रूप से तो समर्थन करना लेकिन यूएन सुरक्षा परिषद में लाएं गए निंदा प्रस्ताव पर वोट न करना , ऐसा लगता है चीन भी निकट भविष्य में कोई बड़ी हरकत कर सकता है या उसकी योजनाओं में यह ज़रूर होगा , विशेष कर ताईवान और भारत के संदर्भ में , जैसा कि पूर्व में उसकी बदमाशियां देखी गई है ।  हमारे देश के लिए हमेशा की तरह एक निर्णायक बनकर खड़े रहने की भूमिका वाला यह दौर नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी को इस समय विश्व के सभी देशों से आग्रह कर शांति व्यवस्था स्थापित करने के प्रयास तेज करने चाहिए । इससे भी पहले...

काव्य गोष्ठी का आयोजन

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 प्रेस विज्ञप्ति  उदयपुर  गुरूवार 4/5/2023    जाने अनजाने रिश्ते भी खास हो जाते है  जब पैसे दो पैसे किसी के पास हो जाते है  मंगलवार दिनांक 2/5/23 को कविमित्र समूह ( राज. ) , उदयपुर द्वारा एक काव्य गोष्ठी का आयोजन सेक्टर 3 में किया गया जिसमें शहर के प्रतिष्ठित कवि शामिल हुए. गोष्ठी का प्रारंभ नामचीन कवि और एंकर शकुंतला सरूपरिया जी ने अपने भावपूर्ण गीतों से किया, बेटी पर सुनाये उनके गीत से श्रोताओं की आंखें भर आई . युगधारा संस्थापक वरिष्ठ कवि ज्योतिपूंज ने आम आदमी की पीड़ा को जाहिर करती अपनी कविता ' नल में जल नहीं है पर आंखों में है ' सुनाई . रामदयाल मेहरा ने अपनापन नहीं याद रहा अब / मतलब का संवाद रहा अब ' सुनाकर दाद बटोरी . शैलेंद्र सुधर्मा ने ' जो बात खुद ही न समझे / वो औरों को समझाना अच्छा लगता है ' तथा प्रेमलता सोलंकी ने ' तुमको लिखती और पढती रही / लिख , गजल गुनगुनाती रही रात भर ' सुनाकर गोष्ठी को आगे बढाया . युवा कवि रक्षित परमार ने आज के समय की सच्चाई को बयान करती 'बेटियों कहीं सुरक्षित नहीं है' रचना पेश की . गोष्ठी का समापन शाइर इकबाल हुसैन ...

भारत में बेरोजगारी दर फिर से बढ़ रही है ? पर क्यों?

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 भारत की बे बेरोज़गारी दर  रोजगारी दर शहरों में ज्यादा, गांवों में कम ?  सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के आंकड़े के अनुसार भारत की बेरोजगारी दर 7.83 किस दी पर पहुंची ‌ । हमारे देश में बेरोजगारी की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है पिछले महीने में भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर 7.83 फेस दीपक पहुंच गए हैं मार्च महीने में यह 7.60 किस दी थी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2022 में शहरों की बेरोजगारी दर 9.22 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 7.18 फीसदी रही है‌। वर्ष 2021 में मई महीने में बेरोजगारी 11.84 फीसद पहुंच गई थी । सबसे ज्यादा बेरोजगारी तो हमारे राज्य राजस्थान और पड़ोसी राज्य हरियाणा में देखने को मिली है । इस रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा बेरोजगारी हरियाणा और राजस्थान में दर्ज की गई है। हरियाणा में यह 34.5 प्रतिशत और राजस्थान में 28.8 फ़ीसद बेरोजगारी है ।‌हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम में सबसे कम बेरोजगारी दर देखी गई है। इन राज्यों में क्रमशः 0.2%, 0.6% और 1.2 फ़ीसद रही थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के ये ताज़ा आंकड़े भारतीय इकोनॉमी की हेल्थ को दर्शाते हैं । इसके अ...

देश के जाने माने पत्रकार रवीश कुमार की मां का निधन

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देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की मां निधन हो गया है। इस समय रवीश कुमार बेल्जियम में है जबकि उनकी मां का बिहार में निधन हो चुका है। रवीश ने भावुक होकर पोस्ट लिखी है जिसे पढ़कर हर गमगीन हो गया । रवीश कुमार देश के एक ऐसे पत्रकार जो अपनी बेबाक रिपोर्टिंग, रवीश की रिपोर्ट और अपने यूट्यूब चैनल के जरिए देश की मौजूदा सरकार पर तीखे सवाल खड़े करते हैं और सरकार की आंखों की किरकिरी बनी हुई है। रवीश कुमार ने एक भावुक पोस्ट लिखी है जिसे आपको भी पढ़ना चाहिए -  माँ  सोचा था ब्रसल्स को अपने लिए नहीं, अपने दर्शकों के लिए देखूंगा। यहां आते ही सब कुछ कैमरे के पीछे से देखने लगा। ज़हन में मां बनी रही कि वेंटिलेटर पर नहीं होती तो वही ज़्यादा खुश रहती, भले ही ब्रसल्स बोलना उसके लिए भारी हो जाता। इस सूचना को लेकर अपने साथ जीना पहाड़ ढोने के समान लग रहा है। यहां की इमारतों से न तो इतिहास का रिश्ता बना पा रहा हूं, न वर्तमान का। देख रहा हूं मगर कुछ नहीं दिख रहा है। चल रहा हूं लेकिन पता नहीं कितनी दूर चल गया और लौट कर आ गया। इस वक्त लिख रहा हूं ताकि खुद के साथ रह सकूं। मेरे लिए जीना लिखना है ...

किराडू के मंदिर (बाड़मेर) वर्ष: 2018

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किराडू के मंदिर (बाड़मेर) 18 इन मंदिरों को देखना एक बड़ी उपलब्धि थी , इन मंदिरों के प्राचीन अवशेष देखकर लगता है कि आखिर क्या हुआ होगा उस दौरान! आज के समय एक बड़ी चुनौती है ऐसी कलाकृतियां, नक्काशी और स्थापत्य के प्रति उतना समर्पण देख पाना ‌। स्थापत्य कलाकारों और उन असंख्य श्रमिकों के बारे में कहीं कोई ज़िक्र नहीं मिलता। एक प्राचीन नगर के उजड़ते स्वरूप को आज के दौर में देख पाना भी एक दुर्लभ अहसास है और इतिहास में दबे गूढ़ रहस्यों को जानने की मेरी मंशा ने किराडू को एक अलग दृष्टि से ही देखा । इस जगह के बारे में भ्रांतियां बहुत है, शाम को पांच बजे बाद प्रवेश आज भी बंद हैं । बाड़मेर से पश्चिम में अवस्थित यह पुरास्थल देखने लायक है।

कासिम बीकानेरी के हिन्दी कहानी संग्रह दादाजी की साईकल का लोकार्पण समारोह संपन्न

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क़ासिम बीकानेरी के हिंदी कहानी संग्रह दादाजी की साइकल का लोकार्पण समारोह संपन्न ---------------------------------------------------- संस्कारों एवं संवेदना का सच्चा दस्तावेज दादाजी की साइकल : मधु आचार्य बीकानेर 01 मई 2023 नागरी भण्डार पाठक मंच एवं प्रज्ञालय संस्थान द्वारा नगर के युवा शायर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी के राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित नये हिंदी कहानी संग्रह दादाजी की साइकल का लोकार्पण समारोह स्थानीय महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम नागरी भण्डार स्टेशन रोड बीकानेर में हुए भव्य समारोह के रूप में आयोजित किया गया। नागरी भण्डार पाठक मंच के नंदकिशोर सोलंकी ने बताया कि दादाजी की साइकल कहानी संग्रह का लोकार्पण समारोह हिंदी एवं राजस्थानी भाषा के कीर्तिशेष साहित्यकार स्वर्गीय लक्ष्मीनारायण रंगा साहब को समर्पित किया गया। प्रज्ञालय संस्थान के राजेश रंगा ने बताया कि लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार भवानी शंकर व्यास 'विनोद' ने की। विनोद ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि दादाजी की साइकल की अधिकांश कहानियां मार्मिकता एवं संवेदना के ...

1 मई मजदूर दिवस और मधु लिमए की 100 वीं जयंती पर उदयपुर में हुआ आयोजन?

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सत्ता ने भूख को शोषण का हथियार बनाया । 1 मई मजदूर दिवस व समाजवादी नेता मधु लिमए की 100 वी जयंती को समारोह पूर्वक मनाया गया इस अवसर पर मजदूर आंदोलन के समक्ष चुनौतियो विषय एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । समता संवाद पिछले तीन दशक से गैर बराबरी के विरुद्ध जागृति हेतु प्रयासरत रहते हुए जन विमर्श में आम जन के विषयों पर नियमित पाक्षिक संवाद आयोजन करते है। समता संवाद के डॉ भरत सिंह राव ने बताया कि संवाद कार्यक्रम में मजदूर आंदोलन ओर वर्तमान चुनोतियाँ विषय बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्गिय चेतना के अभाव के चलते मजदूरों में अपने हितों की रक्षा के नाम पर गलत लोगों के जाल में फंसकर अपना शोषण करवाने को मजबूर हैं। उपस्थित सभी वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारों का चरित्र और सोच मजदूर विरोधी है ।कार्यक्रम मै अर्जुन देथा, सुधिर कटियार, अरुण व्यास, शंकर लाल चौधरी, डॉ फरहत बानू, डॉ सुधा चौधरी,. राम चंद्र सालवी,शेलेंद्र ढड्ढा ने अपने व विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम की अध्यक्षता हिम्मत सेठ ने की तथा पियूष जोशी ने आभार व्यक्त किया।

मजदूर किसान हक संगठन ने कुछ इस तरह मनाया मई दिवस ? जानिए पूरी खबर

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खबर :  खेरवाड़ा :- मई दिवस के अवसर पर संघर्ष में एक दूसरे की लड़ाई में साथ देने, हर खेत को पानी, हर बेरोजगार को सम्मानजनक व स्थाई रोजगार , कुक कम हेल्पर को न्यूनतम मजदूरी, मनरेगा में साल.. मजदूर दिवस पर विशाल रैली  ..भर काम और 600 रूपये मजदूरी, 26000 रूपये मासिक न्यूनतम मजदूरी, केटलशेड के भ्रष्टाचारियों को गिरफ्तार कराने की लड़ाई का संकल्प लिया गया। ये संकल्प मई दिवस पर आयोजित सभा व जुलूस का समपन करते हुए जनवादी मजदूर यूनियन के संरक्षक डी. एस. पालीवाल ने दिलाया जिसका हाथ उठाकर महिलाओं व पुरूषों ने समर्थन किया। पालीवाल ने कहा कि मजदूरों की मेहनत और जल, जंगल, जमीन और खनिज को लूट कर धनपति अपनी कोठिया भर रहे हैं। किसान को उसकी फसल का पूरा मोल नहीं मिल रहा है। हर घर में बेरोजगार हैं और सरकारी विभागो, स्कूलों व महाविद्यालयों में पद खाली पड़े हैं तथा युवाओं को संविदा और ठेके पर लगाकर नाम का वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस, सेना और न्यायालय के द्वारा गरीब जनता के हकों को कुचला जा रहा है। पालीवाल ने कहा कि जब तक मेहनतकशों की सत्ता नहीं आती मजदूर , किसान, युवा, विद्यार्थ...

भारत बंद के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन ?

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 राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, शाखा करौली की तरफ से ओबीसी की जाति आधारित जनगणना आदि राष्ट्रीय मुद्दों पर 30 अप्रैल 2023 को भारत बंद के समर्थन में ADM जिला करौली को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए राष्ट्रीय मुद्दे --- 1. बीजेपी सरकार द्वारा जानवरों की गिनती करना, मगर जाति आधारित जनगणना और ओबीसी की जाति आधारित जनगणना न करना । 2. ईवीएम घोटाले के विरोध में । 3. निजी क्षेत्रों में एससी, एसटी, ओबीसी को आरक्षण/जन संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व लागू किया जाए । 4. किसानों को एम एस पी गारंटी कानून लागू किया जाए । 5. एन आर सी/ एन पी आर/सीएए के विरोध में । 6. पुरानी पेंशन स्कीम लागू किया जाए ।  7. विकास के नाम पर, पर्यावरण संरक्षण के नाम पर एवं जानवरों के संरक्षण के नाम पर आदिवासियों को उ नके जल, जंगल और जमीन से विस्थापित करने के विरोध में । 8. लाकडाउन में चुपके से मजदूरों के खिलाफ बनाये गये श्रम कानूनों के विरोध में। 9. रिजर्वेशन इम्पलीमेन्टेशन ऐक्ट बनाया जाये तथा एस सी, एस टी, ओबीसी का बैकलॉग तत्काल प्रभाव से भरा जाए। 10. एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों की रोकी गई स्कालरशिप तत्का...

समवेत पत्रिका के 20वें अंक और संस्थान की वेबसाइट का विमोचन समवेत ध्वनि

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 समवेत पत्रिका के 20वें अंक और संस्थान की वेबसाइट का विमोचन  समवेत ध्वनि संस्थान, उदयपुर की पत्रिका के 20वें अंक और संस्थान की वेबसाइट का लोकार्पण समारोह सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सभागार में हुआ। पत्रिका के संपादक डॉ. नवीन नंदवाना ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई.वी. त्रिवेदी ने की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. नीरज शर्मा थे। लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रो. सी.आर. सुथार, अधिष्ठाता, सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, प्रो. प्रदीप त्रिखा, मानविकी संकाय अध्यक्ष, प्रो. सुरेंद्र कटारिया, सामाजिक विज्ञान संकाय अध्यक्ष, प्रो. हेमंत द्विवेदी, दृश्यकला संकाय अध्यक्ष और हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. माधव हाड़ा थे।   कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए कुलपति प्रो. त्रिवेदी ने कहा कि शोध पत्रिकाएँ विश्वविद्यालयों में अपनी महती भूमिका रखती हैं। समवेत का निरंतर प्रकाशन और प्रसार...

हेट स्पीच देने वालों पर कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिया बिना शिकायत के ही एफआईआर दर्ज करने का आदेश ?

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 भारत में बढ़ते धार्मिक उन्माद और हिंसात्मक माहौल से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश दिया है कि बिना शिकायत ही हैट स्पीच देने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएं। सुप्रीम कोर्ट यह कारवाई पहले भी कुछ राज्यों में ऐसा करने के लिए कर चुकी थी लेकिन पूरे भारत में इसे लागू करने का आदेश दिया है। देश में बढ़ती साम्प्रदायिकता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों ने यह आदेश देश की जनता के हितों को ध्यान रखते हुए दिया है ताकि संविधान की समुचित पालना की जाएं। वहीं दूसरी तरफ एक याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्मांतरण के मामले को भी गंभीरता से सुना जायेगा । अभी तक देश में किसी शिकायत पर ही हेट स्पीच देने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी ।‌‌ देश में नफ़रत फैलाने वालों पर होगी अब सख्त कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सक्रियता की दिशा में बढ़ाया है एक महत्वपूर्ण क़दम। राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को दिया आदेश कि नफ़रत भरें अल्फ़ाज़ों पर बरतें सख़्ती ‌। जो काम केंद्र कर सकता था वो काम देखिए अब सुप्रीम कोर्ट के हिस्से में आया है। ऐसा तब होता है...

महिला पहलवानों की सुरक्षा के लिए क्यों आगे आया सुप्रीम कोर्ट?

 सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आज दुष्कर्म के आरोपी बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, यह कितना शर्मनाक है कि देश के नामचीन अंतरराष्ट्रीय पहलवानों को एक एफआईआर दर्ज करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा है। सरकार की यह प्रवृत्ति संविधान के समक्ष एक बड़ी चुनौती है , जनता को चाहिए कि वो संविधान की सुरक्षा करने के लिए अपना कर्तव्य सही तरीके से निभाएं। तानाशाही को चुनोगे तो इस तरह की तानाशाही झेलने के लिए तैयार भी रहना चाहिए। आम आदमी के लिए यह एक असंभव सा काम है कि वो अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकें। दिल्ली के साकेत में एक महिला को एक व्यक्ति कोर्ट में ही गोलियों से भून देता है। देश के सभी कोर्ट परिसर संविधान के संरक्षक हैं, देश की जनता के रक्षक है और उस जगह पर ही कोई नागरिक एक अपराधी द्वारा गोलियों से भून दिया जाता है, सोचिए यह कितना शर्मनाक है कि इस पर कोई देशव्यापी एक्शन नहीं लिया जाता है। हमारे कोर्ट परिसरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए क्योंकि यहां न्यायाधीशों , अधिवक्ताओं, स्टाफ और नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर मसला है इसे हल्के में लेना संविधान के प्रति निष्ठ...

क्रिकेट की दुनिया से घूमते हुए भारत एक दृष्टि - रक्षित परमार

 मैं धोनी का फैन हूं लेकिन कभी सोशल‌ मीडिया पर धोनी के बारे में, उनकी कप्तानी और उनके व्यवहार के बारे में कुछ लिख नहीं पाया । मेरी फेवरिट टीम के खिलाडी वैसे सौरव गांगुली, सचिन , विरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, वीवी एस लक्ष्मण, अनिल कुंबले, हरभजन, सिंह,‌ ज़हीर खान और धोनी साहब है। उसके बाद क्रिकेट मेरे जीवन से लगातार गायब होता जा रहा है। अभी के प्लेयर भले ही अच्छा खेल रहे हो लेकिन 2003 और 2010 के बीच में हुए क्रिकेट मैचों जैसा रोमांच अब बचा नहीं है मेरे‌ लिए क्रिकेट में । विश्व के स्तरीय खिलाड़ियों को एक साथ देखने का अलग ही सुकून था । भारत की टीम उस दौर में भले ही थोड़ी कमजोर थी लेकिन उस समय के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का स्तर भी तो कमाल का था ‌।  ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट, मेथ्यू हैडन , जेशन गिलेस्पी, एंड्र्यू साइमंड्स, रिकी पोंटिंग, शेन वॉर्न, ग्लेन मैकग्राथ जैसे प्लेयर अब मैचों में कहीं नहीं दिखते हैं । बैटिंग, फिल्डिंग, बोलिंग और हर मैच को केवल जीतने के लिए उतरने वाली ये ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व की सभी टीमों के लिए खासतौर पर ये खिलाड़ी बहुत भारी पड़ते थे । इनको ...

ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलें शहरी प्रोत्साहन

 ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलें शहरी प्रोत्साहन  देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को नकारा नहीं जा सकता , अब इस दौड़ में ग्रामीण महिलाएं भी पीछे नहीं रहना चाहती हैं। हैंड इन हैंड इंडिया एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान है जो महिलाओं के सशक्तिकरण में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र में संस्थान ने विगत एक साल से क्रेडिट प्लस , राइज अप और सिडबी प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मुहैया करवाने में सहयोग किया है । संस्थान द्वारा उदयपुर और सिरोही जिले में वर्मी कम्पोस्ट की 50 युनिट स्थापित करवाई गई हैं । युनिट के तहत केंचुए , त्रिपाल , प्रशिक्षण और कंपोस्ट का मूल्यवर्धन कर ग्रामीण महिलाओं को उद्यमशीलता की ओर बढ़ाने में मदद की है ‌।  संस्थान ने जुलाई 2021 से 40 किलो केंचुए लगभग आधे टन आकार की प्रति युनिट बनवाकर महिला किसानों की आय में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज करवाई है। इस आकार की 50 युनिट के माध्यम से स्थानीय 1000 महिला किसानों तक लाभ पहुंचाने का सामूहिक प्रयास किया गया है । अब महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट , केंचुए , वर्मी वाश बेचकर अच्छी आय सृजित कर र...