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एडवोकेट पीआर सालवी को 26 मई को "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड 2023" से नई दिल्ली में होंगे सम्मानित

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एडवोकेट पीआर सालवी को 26 मई को "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड 2023" से नई दिल्ली में होंगे सम्मानित ------------------------------------ अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद नई दिल्ली द्वारा 26 मई 2023 "अंतर्राष्ट्रीय मानव बहादुरी सम्मान समारोह" होगा ------------------------  उदयपुर 24 मई । अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद, नई दिल्ली राजस्थान स्टेट चेयरमेन एवं डॉ.अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी राजस्थान जिला उदयपुर के महासचिव एडवोकेट पीआर सालवी को "लिटिल थिएटर ग्रुप (एलटीजी) ऑडिटोरियम कॉर्परनिकस भवन, मंडी हाउस स्टेशन के पास, नई दिल्ली" में "राष्ट्रीय मानव गौरव अवॉर्ड" से सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय चेयरमेन एवं संस्थापक डॉ. टी.एम.ओंकार ने बताया कि एडवोकेट पीआर सालवी पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से सलूम्बर, सराड़ा से निकलकर राजस्थान राज्य एवं विशेषकर उदयपुर सम्भाग मुख्यालय पर गरीब,शोषित, वंचित,दलित,आदिवासी,पिछड़े वर्ग के हक अधिकार ...

कवि मित्र समूह द्वारा त्रिभाषी काव्य गोष्ठी का आयोजन

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कविमित्र समूह ( राज.) उदयपुर द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर सोमवार , 22 मई को त्रिभाषी काव्यगोष्ठी का आयोजन सेक्टर तीन में किया गया जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से प्रताप को श्रद्दासुमन अर्पित करने के साथ राजस्थानी , हिंदी और उर्दू में अनेक कविताओं के वाचन से श्रोताओं का मन मोह लिया .शकुंतला सरूपरिया द्वारा सरस्वती वंदना से प्रारंभ गोष्ठी में सर्वप्रथम चिंतक व कवि अशोक जैन 'मंथन' ने प्रश्ननाकुल होकर पूछा ,'मन को समझा किसने अब तक / कितना है ये मासुम बोलो ?' तत्पश्चात शहर की शान डा. ज्योतिपूंज ने आव्हान किया ,' विश्व में मेवाड़ की स्वर्णिम धरा के गीत गाओ/ ये धरोहर गुनगुनाओ ये धरोहर गुनगुनाओ.' वरिष्ठ कवि रामदयाल मेहरा ने आज के समय की कैफियत को बयां करती गजल ,' वैसे कोई विवाद नहीं है / फिर भी कोई संवाद नहीं है' तथा राजस्थानी गीत सुनाकर रंग जमा दिया . जयपुर से आई सुमन आशीष ने ,' सहरा सहरा बांटा मैंने अपना पानी / अब मुश्किल लगता है मेरा दरिया रहना ' सुनाकर सबको भावुक कर दिया . शैलेद्र सुधर्मा में प्रताप का स्मरण करते हुए कहा ,'प्रताप सब याद करते है...

युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह

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युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह  राजस्थान का हिंदी लेखन राष्ट्रीय पहचान बनाएं, राजस्थान के हिंदी लेखक देश की मुख्य धारा में आएं - अकादमी अध्यक्ष दुलाराम सहारण ।  "राजस्थान का हिंदी लेखन राष्ट्रीय पहचान बनाएं, राजस्थान के हिंदी लेखक देश की मुख्य धारा में आएं," "मैं काव्यांगन को बधाई देता हूं कि ऐसी संस्थाएं हर शहर में होनी चाहिए" काव्यांगन ऐसा आंगन सदा सजाएं रखें" यह कहना था राजस्थान साहित्य अकादमी के वर्तमान अध्यक्ष दुलाराम सहारण का। सहारण काव्यागंन साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित युवांगन -2023 और विशेष कवि सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे । अकादमी अध्यक्ष ने समारोह में आएं युवा साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से जुड़े और उदयपुर में राजस्थान अकादमी है, इससे बड़ा सौभाग्य और क्या होगा!  अकादमी अध्यक्ष ने भविष्य में युवाओं को साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए 'लेखक से मिलिए' जैसे नवाचारी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवस...

यूक्रेन पर हमला क्या शांति प्रिय देशों के लिए ख़तरा ??

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  यूक्रेन पर हमला शांति प्रिय देशों के लिए ख़तरा रूस के द्वारा यूक्रेन पर हमले को एक नई लड़ाई के तौर पर देखना चाहिए , एक तरफ़ विश्व राजनीति में चाइना के बढ़ते प्रभाव के बीच रूस की तानाशाही ने दुनिया को बहुत कुछ सोचने पर मजबुर कर दिया है । अफगानिस्तान से अमेरिका का भागना , यूक्रेन पर हमला होने के बावजूद अमेरिका द्वारा पहले तो उसे भरोसा दिलाना, बाद में अब केवल टुकुर- टुकुर देखना साबित करता है कि ,विश्व राजनीति में अमेरिका के पांव अब कमजोर पड़ रहे हैं ।  चीन द्वारा रूस को बिना मांगे ही अप्रत्यक्ष रूप से तो समर्थन करना लेकिन यूएन सुरक्षा परिषद में लाएं गए निंदा प्रस्ताव पर वोट न करना , ऐसा लगता है चीन भी निकट भविष्य में कोई बड़ी हरकत कर सकता है या उसकी योजनाओं में यह ज़रूर होगा , विशेष कर ताईवान और भारत के संदर्भ में , जैसा कि पूर्व में उसकी बदमाशियां देखी गई है ।  हमारे देश के लिए हमेशा की तरह एक निर्णायक बनकर खड़े रहने की भूमिका वाला यह दौर नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी को इस समय विश्व के सभी देशों से आग्रह कर शांति व्यवस्था स्थापित करने के प्रयास तेज करने चाहिए । इससे भी पहले...

काव्य गोष्ठी का आयोजन

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 प्रेस विज्ञप्ति  उदयपुर  गुरूवार 4/5/2023    जाने अनजाने रिश्ते भी खास हो जाते है  जब पैसे दो पैसे किसी के पास हो जाते है  मंगलवार दिनांक 2/5/23 को कविमित्र समूह ( राज. ) , उदयपुर द्वारा एक काव्य गोष्ठी का आयोजन सेक्टर 3 में किया गया जिसमें शहर के प्रतिष्ठित कवि शामिल हुए. गोष्ठी का प्रारंभ नामचीन कवि और एंकर शकुंतला सरूपरिया जी ने अपने भावपूर्ण गीतों से किया, बेटी पर सुनाये उनके गीत से श्रोताओं की आंखें भर आई . युगधारा संस्थापक वरिष्ठ कवि ज्योतिपूंज ने आम आदमी की पीड़ा को जाहिर करती अपनी कविता ' नल में जल नहीं है पर आंखों में है ' सुनाई . रामदयाल मेहरा ने अपनापन नहीं याद रहा अब / मतलब का संवाद रहा अब ' सुनाकर दाद बटोरी . शैलेंद्र सुधर्मा ने ' जो बात खुद ही न समझे / वो औरों को समझाना अच्छा लगता है ' तथा प्रेमलता सोलंकी ने ' तुमको लिखती और पढती रही / लिख , गजल गुनगुनाती रही रात भर ' सुनाकर गोष्ठी को आगे बढाया . युवा कवि रक्षित परमार ने आज के समय की सच्चाई को बयान करती 'बेटियों कहीं सुरक्षित नहीं है' रचना पेश की . गोष्ठी का समापन शाइर इकबाल हुसैन ...

भारत में बेरोजगारी दर फिर से बढ़ रही है ? पर क्यों?

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 भारत की बे बेरोज़गारी दर  रोजगारी दर शहरों में ज्यादा, गांवों में कम ?  सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के आंकड़े के अनुसार भारत की बेरोजगारी दर 7.83 किस दी पर पहुंची ‌ । हमारे देश में बेरोजगारी की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है पिछले महीने में भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर 7.83 फेस दीपक पहुंच गए हैं मार्च महीने में यह 7.60 किस दी थी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2022 में शहरों की बेरोजगारी दर 9.22 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 7.18 फीसदी रही है‌। वर्ष 2021 में मई महीने में बेरोजगारी 11.84 फीसद पहुंच गई थी । सबसे ज्यादा बेरोजगारी तो हमारे राज्य राजस्थान और पड़ोसी राज्य हरियाणा में देखने को मिली है । इस रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा बेरोजगारी हरियाणा और राजस्थान में दर्ज की गई है। हरियाणा में यह 34.5 प्रतिशत और राजस्थान में 28.8 फ़ीसद बेरोजगारी है ।‌हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम में सबसे कम बेरोजगारी दर देखी गई है। इन राज्यों में क्रमशः 0.2%, 0.6% और 1.2 फ़ीसद रही थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के ये ताज़ा आंकड़े भारतीय इकोनॉमी की हेल्थ को दर्शाते हैं । इसके अ...

देश के जाने माने पत्रकार रवीश कुमार की मां का निधन

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देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की मां निधन हो गया है। इस समय रवीश कुमार बेल्जियम में है जबकि उनकी मां का बिहार में निधन हो चुका है। रवीश ने भावुक होकर पोस्ट लिखी है जिसे पढ़कर हर गमगीन हो गया । रवीश कुमार देश के एक ऐसे पत्रकार जो अपनी बेबाक रिपोर्टिंग, रवीश की रिपोर्ट और अपने यूट्यूब चैनल के जरिए देश की मौजूदा सरकार पर तीखे सवाल खड़े करते हैं और सरकार की आंखों की किरकिरी बनी हुई है। रवीश कुमार ने एक भावुक पोस्ट लिखी है जिसे आपको भी पढ़ना चाहिए -  माँ  सोचा था ब्रसल्स को अपने लिए नहीं, अपने दर्शकों के लिए देखूंगा। यहां आते ही सब कुछ कैमरे के पीछे से देखने लगा। ज़हन में मां बनी रही कि वेंटिलेटर पर नहीं होती तो वही ज़्यादा खुश रहती, भले ही ब्रसल्स बोलना उसके लिए भारी हो जाता। इस सूचना को लेकर अपने साथ जीना पहाड़ ढोने के समान लग रहा है। यहां की इमारतों से न तो इतिहास का रिश्ता बना पा रहा हूं, न वर्तमान का। देख रहा हूं मगर कुछ नहीं दिख रहा है। चल रहा हूं लेकिन पता नहीं कितनी दूर चल गया और लौट कर आ गया। इस वक्त लिख रहा हूं ताकि खुद के साथ रह सकूं। मेरे लिए जीना लिखना है ...